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बौद्ध महोत्सव का अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप है भगवान बुद्ध के संदेशों को पूरी दुनिया में पहुंचाना है: मुख्यमंत्री

बौद्ध महोत्सव का अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप है भगवान बुद्ध के संदेशों को पूरी दुनिया में पहुंचाना है: मुख्यमंत्री

पटना :- 11 जनवरी 2019 तीन दिवसीय बौद्ध महोत्सव का बोधगया के कालचक्र मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। इस मौके पर सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बौद्ध महोत्सव के आयोजन के पूर्व के वर्षों में भी मैं भाग लेता रहा हूं। हर साल फरवरी में आयोजन होता था। पिछले साल मैंने एक सुझाव दिया था कि पूजा अवधि में इसका आयोजन करें ताकि श्रद्धालु भी इसका लाभ उठा सकें। निग्मा पूजा के दौरान इसका आयोजन किया गया है। महाबोधि मंदिर जाने पर जानकारी मिली कि 8 से 10 लाख श्रद्धालु यहां पूजा कर रहे हैं। बौद्ध महोत्सव का आयोजन है यह सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है। इसे अंतर्राष्ट्रीय स्वरुप प्रदान की जा रही है। इसका आयोजन राज्य सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा किया जाता है। इसमें जिला प्रशासन और बीटीएमसी की भूमिका होती है।

 

बीटीएमसी के सचिव एन. दोरजे ने जबसे अपनी सेवा दी है तबसे बौद्ध महोत्सव का आयोजन भव्य होता चला गया। इनकी मेहनत और कलाकरो से जुड़ाव का नतीजा है कि उसका प्रतिफल आपको देखने को मिल रहा है। बोधगया टेम्पल मैनेजमेंट कमिटी द्वारा विभिन्न देशों के कलाकारों और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
2012 से बौद्ध महोत्सव शुरु हुआ। भगवान बुद्ध के विचार किस प्रकार दुनिया में फैला। और सिद्धार्थ से भगवान बुद्ध बनने का इतिहास यहाँ से जुड़ा हुआ है लेकिन भगवान बुद्ध का ज्ञान व संदेश प्रेम, शांति और अहिंसा का है। बहुत सारे ऐसे लोग हैं जिनकी सोच वैज्ञानिक है।

  
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भगवान बुद्ध यह कहते थे कि मैं जो बोल रहा हूं उसे सोच विचार कर ही मानो। यही बुद्ध के उपदेशों का साइटिफिक अप्रोच है।
बौद्ध महोत्सव का अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप है भगवान बुद्ध के संदेशों को पूरी दुनिया में पहुंचाना है। अन्य देशों में बौद्ध धर्म को लोगों ने अपनाया है और आज भी बड़ी संख्या में कई देशों में बौद्ध धर्मावलंबी रहते है। बौद्ध धर्म मानने वालों में भगवान बुद्ध के जन्म स्थल के साथ अन्य स्थानों में जाने की इच्छा होती है लेकिन, ज्ञान प्राप्ति और प्रथम उपदेश के स्थान पर लोग जाते हैं। पहले यहां अतिथियों के लिए व्यवस्था नहीं थी उन्हें काफी परेशानी होती थी, अब उसे बढ़या जा रहा है। महाबाेधि मंदिर विश्व धरोहर है।
उन्होंने कहा कि कभी-कभी आश्चर्य होता है। बोधगया की घटना के बाद बीटीएमसी ने सुरक्षा व्यवस्था में काफी सुधार किया। पहले आने-जाने का एक ही रास्ता था। अब कई रास्ते खोले गए हैं। महाबोधि मंदिर के सुरक्षा के दृष्टिकोण से कई दिशा पर काम हुआ। उसका सौंदर्यीकरण भी किया गया। इन सब चीजों पर राज्य सरकार ने ध्यान दिया है।


बोधगया के स्वरूप को और बेहतर बनाने के लिए जो भी आवश्यकता है राज्य सरकार उसे पूरा करेगी। महाबोधि कल्चर सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया।उसका कार्य शुरु हो गया। 13 एकड़ की भूमिपर 145 करोड़ की लागत से काम शुरू हो गया है। भवन निर्माण विभाग ने 2020 को बिहार दिवस के अवसर पर तैयार हो जाएगा। इसके बनने के बाद लोग इसे देखने के लिए आएंगे। इससे पर्यटन का भी विकास होगा।
दुनिया में एक टकराव का माहौल बनता चला जा रहा है। टकराव का माहौल से छुटकारा दिलाना होगा तभी पृथ्वी को बचाया जा सकता है। जबतक पर्यावरण और अपने स्वभाव पर ध्यान नहीं देंगे। इस तरह से स्वभाव में टकराव का माहौल रहेगा तो बहुत आगे तक नहीं चल सकेंगे। नालंदा विवि के निर्माण में कंप्लीट रिजाल्यूशन सेंटर का निर्माण होना चाहिए। दुनिया में जितने प्रकार के मतभेद हैं उसे दूर करने के लिए वहां सेंटर बनना चाहिए। भगवान बुद्ध के विचार पर चर्चा करें और उसके वैज्ञानिक पहलू पर चर्चा करेंगे तो विवादों का निदान संभव है। सभी धर्मों के प्रति हमारे मन में सम्भाव का माहौल होना चाहिए।
बौद्ध महोत्सव सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है। इससे पूरे विश्व को सहिष्णुता का संदेश जाना चाहिए।
महाबोधि मंदिर में बोधिवृक्ष है जहां महात्मा बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई। कई बार इसे खंडित करने की कोशिश की गई, लेकिन यह संभव नहीं हो सका। सभी बौद्ध धर्मावलंबियों को स्वागत करते हुए उनको आश्वस्त करता हूं कि आपको बिहार और बोधगया में किसी प्रकार की तकलीफ नहीं होगी। बौद्ध महोत्सव के अवसर पर आपस में भाईचारा का माहौल, प्रेम और सद्भावना का वातावरण रखकर खुद भी आगे बढ़ सकेंगे और समाज को भी आगे बढ़ा सकेंगे। यहां उपस्थित देश विदेश के नागिरकों और कलाकारों का धन्यवाद करता हूं।

महोत्सव के उद्घाटन से पहले मुख्यमंत्री ने ग्राम श्री मेला का उद्घाटन किया तथा अन्य विभागों द्वारा लगाए स्टालों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने बोधगया में 365.24 करोड़ की 59 योजनाओं का उद्घाटन एवं 146 योजनाओं का शिलान्यास किया।



बौद्ध महोत्सव-2018 पर आधारित एक वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। बौद्ध महोत्सव-2019 से सम्बंधित ‘तथागत स्मारिका’ विमोचन किया गया। इस मौके पर सतत जीविकोपार्जन के तहत उद्यमी जीविका दीदियों को मुख्यमंत्री ने शॉल एवं सोलर लैंप प्रदान किया।
श्रीलंका, म्यंमार, वियतनाम, कम्बोडिया, इंडोनेशिया के कलाकारों ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
बौद्ध महोत्सव के अवसर पर शिक्षा मंत्री कृष्ण नन्दन वर्मा, विधायक राजीव रंजन दांगी, विधायक विनोद प्रसाद यादव, पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव रवि मनु भाई परमार ने भी सम्बोधित किया।

बौद्ध महोत्सव में हिस्सा लेने से पहले मुख्यमंत्री ने महाबोधि मंदिर में पूजा अर्चना किया। बोधगया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री का कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया तत्पश्चात मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने महाबोधि मंदिर के गर्भ गृह में पूजा अर्चना की उसके बाद बोधि वृक्ष की पूजा कर मंदिर परिसर का भ्रमण किया। वहां उपस्थित बौद्ध श्रद्धालुओं के अभिवादन का मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया। मंदिर परिसर के भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री ने टूरिस्ट असिस्टेंट सेंटर का उदघाट्न किया। मुख्यमंत्री के समक्ष सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।


इस मौके पर शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा, विधायक अभय कुशवाहा, विधान पार्षद मनोरमा देवी, विधान पार्षद संजीव श्याम सिंह, विधान पार्षद कृष्ण कुमार सिंह अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मगध प्रमंडल की आयुक्त टी. बिंदेश्वरी, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पुलिस उपमहानिरीक्षक विनय कुमार,बीटीएमसी के सचिव एन. दोरजे, गया के जिलाधिकारी अभिषेक सिंह, गया के वरीय पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा, वेनेरबुल लेनचिंग
फोंगवेजी, चेयरमैन लिंगवा मोनवे जी, चेयरमैन थमपा महा दोरजे जी,चीफ मॉन्क ऑफ बौद्धिस्ट टेम्पल,भन्तेगण सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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